गरिमामय शब्दातीतपूनो

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द्विभाषी रूप में लिखित यह कविता संग्रह विविध विषयों पर आधारित है। जैसा कि सर्वविदित है कि कोई भी कविता रचनाकार के अपने निजी आत्मानुभूति की उत्कृष्टतम अभिव्यक्ति का पर्याय माना जाता है। इसप्रकार इस कृति की रचनाधर्मिता भी इसका अपवाद नहीं हैं।

इस कृति में जो रचनाएं हैं उन्हें तीन खण्डों में विभक्त किया गया है। पहले खंड के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर आधारित रचनाएं हैं जो समय और परिस्थितियों के अनुरूप मन में जिस भी भाव व विचारों की उद्भावना हुई उसे शब्दबद्ध करने की कोशिश हुई है। दूसरे खंड में चार रचनाएं हैं जिसकी भाषा अंग्रेजी है।

अंग्रेजी में लिखे चले जाने का कारण मात्र इतना है कि समय के साथ उन विषयों का चिंतन उसी भाषा में होता चला गया है। अंतिम खंड में प्रेमपरक कविताएँ हैं। वे सभी कविताएँ समय के साथ भोगे हुए घटनाओं की ही आत्माभिव्यक्ति है।

SKU: ISBN: 978-81-939315-7-8 Category: Tag: Product ID: 256

Description

द्विभाषी रूप में लिखित यह कविता संग्रह विविध विषयों पर आधारित है। जैसा कि सर्वविदित है कि कोई भी कविता रचनाकार के अपने निजी आत्मानुभूति की उत्कृष्टतम अभिव्यक्ति का पर्याय माना जाता है। इसप्रकार इस कृति की रचनाधर्मिता भी इसका अपवाद नहीं हैं।

इस कृति में जो रचनाएं हैं उन्हें तीन खण्डों में विभक्त किया गया है। पहले खंड के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर आधारित रचनाएं हैं जो समय और परिस्थितियों के अनुरूप मन में जिस भी भाव व विचारों की उद्भावना हुई उसे शब्दबद्ध करने की कोशिश हुई है। दूसरे खंड में चार रचनाएं हैं जिसकी भाषा अंग्रेजी है।

अंग्रेजी में लिखे चले जाने का कारण मात्र इतना है कि समय के साथ उन विषयों का चिंतन उसी भाषा में होता चला गया है। अंतिम खंड में प्रेमपरक कविताएँ हैं। वे सभी कविताएँ समय के साथ भोगे हुए घटनाओं की ही आत्माभिव्यक्ति है।

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